Saturday, November 17, 2012

MY NEW LOVE

 
 
 
साल कैसे गुजरा पता ही नही चला , इस साल बहुत बदलाव हुए मेरी लाइफ में एक नया प्यार मुझे मिला अभी बोलता नही है लेकिन समझता है की मैं क्या बोल रही हूँ, जब सरारत करता है तो और भी प्यार आता है उस पर, कभी-कभी सोचती हूँ की इसके साथ बिताये सारे लम्हों को कंही संजो कर रख लूँ बहुत कीमती है.... उसके लिए मैं कैसी माँ बन पायुंगी ये तो पता नही लेकिन कोशिश हमेशा उसको अच्छा बनाने की रहेगी, अपने पापा के साथ बहुत खुश रहता है, जब वो दोनों साथ में खेलते है तो मुझे ऐसा लगता है की जैसे मैंने सारे जहान की खुशियों को पा लिया है, आशीष मुझे बहुत प्यार करते है और उस से भी जादा वो अपने बेटे से करते है, घर और ऑफिस को मैनेज करते करते मैं भूल जाती हूँ की मेरा एक रिश्ता उनसे हमसफर और एक दोस्ती का भी है। कभी तो छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आ जाता है मुझे जब भी गुस्सा आता है तो एक बार ये जरुर सोचती हूँ की लास्ट टाइम गुस्सा कब आया था, और यही सोच कर अपने आप को शांत करने की कोशिश करती हूँ ,
इन सब के बिच आशीष बहुत सहयोग कर रहे है, मेरे गुस्से की वजह कुछ भी हो लेकिन छेलना उनको ही पड़ता है, प्यार जो करते है।।।।।।।।।।। अब इतना तो झेलना ही पड़ेगा आशीष जी ..

Wednesday, August 29, 2012

आज की रात


 



कुछ सवाल अपने आप से जान ना चाहती हूँ लेकिन उस के लिए भी टाइम नही मिलता, अब सवाल ही जवाब बनते जा रहे है, जो जैसे कहता है करता है करवाता है, सब मेरे लिए जवाब बनते जा रहे है ऐसे लगता है समय के  पहिये के साथ मैं कटपुतली बनी चल रही हूँ, जिसकी बारडोर तो है लेकिन चलती अपने आप है.
 " कुछ बदलना चाहती हूँ , पर क्या ?????????"

Monday, July 09, 2012

टाइम शोर्ट


 



हाय ! क्या हुआ आज-कल नज़र ही नही आती हो, कहाँ खो गयी हो ?....................

यही सवाल मैं अपने मित्रो से कितनी बार सुन चुकी हूँ लेकिन उनके सवाल का जवाब मेरे पास एक ही होता है " यार टाइम ही नही मिलता क्या करूं"  टाइम ने तो जैसे करवट बदल ली है मेरे और से कोशिश भी करती हूँ निकालने की लेकिन रिजल्ट वही आता है "टाइम शोर्ट".
घर से ऑफिस और ऑफिस से सीधे दोड़ लगती है घर के लिए ! रास्ते भर यही दिमाग में रहता है की लेट ना हो जायुं........

पता नही मैं गलत हूँ या सवाल करने वाले मेरा इम्तहान ले रहे है!!!!!!!!!!!!!!!!!