हाय ! क्या हुआ आज-कल नज़र ही नही आती हो, कहाँ खो गयी हो ?....................
यही सवाल मैं अपने मित्रो से कितनी बार सुन चुकी हूँ लेकिन उनके सवाल का जवाब मेरे पास एक ही होता है " यार टाइम ही नही मिलता क्या करूं" टाइम ने तो जैसे करवट बदल ली है मेरे और से कोशिश भी करती हूँ निकालने की लेकिन रिजल्ट वही आता है "टाइम शोर्ट".
घर से ऑफिस और ऑफिस से सीधे दोड़ लगती है घर के लिए ! रास्ते भर यही दिमाग में रहता है की लेट ना हो जायुं........
पता नही मैं गलत हूँ या सवाल करने वाले मेरा इम्तहान ले रहे है!!!!!!!!!!!!!!!!!