अब खुशी हैं न कोई दर्द रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग जमाने वाला !
हर बेचेहरा सी उम्मीद है चेहरा -चेहरा
जिस तरफ देखिये आने को है आने वाला !
उसको रुखसत तो किया मुझे मालूम न था
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला !
घर के चाँद को देखो किसी आँचल में
ये उजाला नही आँगन में समाने वाला !
एक मुसाफिर के सफर सी है सबकी दुनिया
कोई जल्दी में तो कोई देर से जाने वाला !
Tuesday, May 04, 2010
Monday, May 03, 2010
यादे जो कभी जाती नही
तेरे कदमो की आहेट सुन के हम जाग जाते थे
उस सुनेहेरे उजाले मे हम अपने को भी भूल जाते थे
कल रात हम फिर से करते रहे तेरा इंतजार
ना तू आया ना तेरी वो सुनेहरी चांदनी आई
बस करवते ही बदलते रहे हम पुरी रात भर
ना तू आया ना वो तेरी मनचली याद आई
सोचा की जाकर खोज लायू कही से तुम्हे
ओर रख लु सिऱ्हाने पर कही छुपा कर
मिल जाये वो सुकून मुझे जो तुम आ जायो
यही सोच कर बस युह्नी करवते बदलती रही
रात भर युंही उसकी याद मे जगती रही
तुम सोते रहे ओर में यादे सजोती रही
उस सुनेहेरे उजाले मे हम अपने को भी भूल जाते थे
कल रात हम फिर से करते रहे तेरा इंतजार
ना तू आया ना तेरी वो सुनेहरी चांदनी आई
बस करवते ही बदलते रहे हम पुरी रात भर
ना तू आया ना वो तेरी मनचली याद आई
सोचा की जाकर खोज लायू कही से तुम्हे
ओर रख लु सिऱ्हाने पर कही छुपा कर
मिल जाये वो सुकून मुझे जो तुम आ जायो
यही सोच कर बस युह्नी करवते बदलती रही
रात भर युंही उसकी याद मे जगती रही
तुम सोते रहे ओर में यादे सजोती रही
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