हम शादी के बाद जम्मू में माँ वैष्नो के दर्शन के लिए गये ! वहां मुझे बहुत अच्छा लगा उस दिन मेरे लाइफ का महत्वपूर्ण दिन था ! एक तो मेरा जन्मदिन और उस पर पुरे दिन आशीष का साथ मेरे लिए तो सोने पे सुहागा वाली बात थी ! उसी दिन हमने माँ के दर्शन भी किये ! इस से बढ़ कर मेरे लिए ख़ुशी की बात और क्या हो सकती थी! मैं हमेशा से ही यही सोचती थी की पता नही मैं माँ के दर्शन के लिए कभी जा भी पयुंगी या नही लेकिन माँ ने हम दोनों को एक साथ पास बुलाया ! हमारी यात्रा अच्छी रही ! हाँ आशीष जी को मेरी तरफ से थोड़ी परेशानी जरुर झेलनी पड़ी लेकिन वो भी हमारी यात्रा के एक खुशनुमा याद में शामिल हो गया !
Thursday, December 24, 2009
Monday, December 21, 2009
शादी के बाद ऑफिस का पहला दिन
फिर से वही दिन की शुरुआत सुबह- सुबह ऑफिस के लिए भागना और आते ही काम में लग जाना............ शादी के बाद ऑफिस आने में थोड़ी झिजक हो रही थी अपने आप को कुछ बदला हुआ जो देख रही थी मांग में सिंदूर, गले में मंगल सूत्र और माथे पर गोल सी चमकती हुई बिंदिया जिसको देख कर मुझे बहुत शर्म आ रही थी एक बार लगाती तो दुसरे ही पल हटा दे रही थी मैं ! लास्ट में बिंदिया को नही लगा पाई सोचा कोई कुछ भी बोले मांग में सिंदूर तो है ही ना ! ऐसे लग रहा था पता नही ऑफिस में क्या बदल गया होगा, लेकिन आज आकर वो ही पहेले जैसा लगा कुछ भी नही बदला था वो ही लोग वो ही बाते सुब कुछ पहले जैसा ही रहा !
आज दिन की शुरआत अच्छी रही आते ही पहला surprise मिला मेरे साथ में काम करने वाली लड़की की शादी हो चुकी थी उस की मांग में सिंदूर देख कर मैं तो चोक ही गयी अरे ! ये वो ही है या कोई और ! चलो कुछ भी हो उसको मनपसंद जीवन साथी मिल गया और हमारे लिए इस से बढ़ कर क्या हो सकता है ! शादी का बंधन भी बड़ा अजीब होता है किसी को बनाने में बरसो लग जाते है और कोई एक दिन में ही एक दुसरे के बन जाते है ! लेकिन क्या एक दिन में ही एक दुसरे को अपना बना लेना सही होता है ! इस समय तो हमे अपने बड़ो के आशीर्वाद की बहुत जरुरत होती है ना ???
मेरा दूसरा surprise ऑफिस में मेरी सलेरी में बढ़ोतरी हो गयी थी सुना तो लगा की भाई ऑफिस वाले भी जानते है की शादी के बाद कितने खर्चे बढ़ जाते है ! ठीक है ये काम तो चलो ऑफिस वालो ने अच्छा ही किया ! नही तो हमेशा बिजली के क्र्रेंट की तरह झटके वाली ही खबरे सुन ने को मिलती है !
Monday, December 07, 2009
I am going to merry
Dear friends, I am going to marry with Ashish Kumar Rana on 11th December 2009 at my home town Meerut. I humbly expect your best wishes on the auspicious occasion of wedding ceremony.
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