हम शादी के बाद जम्मू में माँ वैष्नो के दर्शन के लिए गये ! वहां मुझे बहुत अच्छा लगा उस दिन मेरे लाइफ का महत्वपूर्ण दिन था ! एक तो मेरा जन्मदिन और उस पर पुरे दिन आशीष का साथ मेरे लिए तो सोने पे सुहागा वाली बात थी ! उसी दिन हमने माँ के दर्शन भी किये ! इस से बढ़ कर मेरे लिए ख़ुशी की बात और क्या हो सकती थी! मैं हमेशा से ही यही सोचती थी की पता नही मैं माँ के दर्शन के लिए कभी जा भी पयुंगी या नही लेकिन माँ ने हम दोनों को एक साथ पास बुलाया ! हमारी यात्रा अच्छी रही ! हाँ आशीष जी को मेरी तरफ से थोड़ी परेशानी जरुर झेलनी पड़ी लेकिन वो भी हमारी यात्रा के एक खुशनुमा याद में शामिल हो गया !
No comments:
Post a Comment