
बहुत टाइम के बाद आज ब्लॉग पर आना हुआ अपना लिखा हुआ ही पढ़ रही थी सोचा इसको पढकर ही कुछ लिखने का मन कर जाये लेकिन शब्द साथ नही दे रहे मन में बहुत विचार उमड़ रहे है जिन्हें कोरे कागज़ पर उतार कर ठहरे हुए पानी की तरह शांत हो जाना चाहती हूँ, बहुत कुछ है कहने को लेकिन.............................................
3 comments:
sundar thought
इतने लम्बे समय के बाद आपको देखना मतलब आपकी ब्लॉग-पोस्ट को पढ़ना अच्छा लगा.
Welcome back.........Savita Rana ji
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