रूठ कर भी हम ज़माने में रह ना पाएंगे
जब भी याद करोगे हमे पास पायोगे !!!!!
दिल के आएने में तेरी तस्वीर बसा रखी है
क्या हम उस से भी कभी नजरे छुपा पाएंगे ?!!!!!!
पता नही है हमको कब तलक साथ है
हमारी ये किस्मत भी बड़ी बेरहम है !!!!!!
तेरे आने की आहेट को जानकर भी अनजान है
लेकिन मेरे जीवन की हर एक सांस तेरे नाम है !!!!!!!
2 comments:
इस रचना को बहुत डूब कर लिखा गया है। बहुत खूब। ऐसे ही लगे रहिये।
सुनील पाण्डेय
नई दिल्ली।
09953090154
आप बहुत अच्छा लिखती हैं...
इतनी सुंदर रचना से परिचय करवाने के लिए आभार आपका...
मैं काफी दिनों से ब्लोगिंग से दूर था पार आज आप फिर ले ए इस दुनिया में...
मीत
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