लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मीलता
शायद उन लोगों को हमसफ़र कोई तुम-सा नहीं मिलता
किस्मतवालों को ही मिलती है पनाह किसी के दिल में
यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता
अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता
इस बेवफ़ा ज़िंदगी से शायद मुझे इतनी मोहब्बत ना होती
अगर इस ज़िंदगी में दोस्त कोई तुम जैसा नहीं मिलता
अपनों के साये से भी बढ़ कर मैंने तुझे पाया है
कभी मत कहना की हम से किसी को प्यार नही मिलता
आपको होगी हमसे कोई शिकायत तो हक़ से मिटा देना
प्यार में फना होने वाला आपको कोई हमसा नही मिलता
6 comments:
बहुत सुंदर है यह एहसास।
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क्या स्टारवार शुरू होने वाली है?
परी कथा जैसा रोमांचक इंटरनेट का सफर।
बहुत खूबसूरत है यह एहसास।
vah!
... बहुत सुन्दर !!!!!!!!!!
किसी के होने के अहसास की बेहतरीन अभिव्यक्ति। शुरु से लेकर आखिर तक जो लय बनी वाकई देखते ही बनती है।
Bahut hi pyara hai ye blog tumhara... :)
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