हर एक खुशी फ़र्ज़ निभा कर चली गई
मेरा पता गमो को बता कर चली गयी !
यूँ तो हर एक मौसम बिजली गिरा गया
बरसात आके घर को जला कर चली गयी
मेरा पता ग़मों को बता कर चली गयी !
क्या खूब जानती थी फिजा घर के रास्ते
फासले बहार आंख चुरा कर चली गयी
मेरा पता ग़मों को बता कर चली गयी !
मेरे नसीब में थे कहां महकते चमन
फूलो की सूरत भी कांटे चुभन कर चली गयी
मेरा पता गमो को बता कर चली गयी !
दिखा कर खुशी को रास्ते मेरे घर के
रास्तो में गहरा अँधियारा फेला कर चली गयी
मेरा पता गमो को बता कर चली गयी !
यूँ तो हमने भी देखी थी चमक सितारों की
बनके चमक भी अंगारे बरसा के चली गयी
मेरा पता गमो को बता कर चली गयी !
दिखा हर एक सूरत में प्यार छलकता जहां
बनके मेहमां घर को बसा कर चली गयी
मेरे पता गमो को बता कर चली गयी !
1 comment:
waah janaab dil ko chhu liya aapne
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